ज़्यादातर होटलों में आज भी मेहमान के आधार कार्ड की फोटोकॉपी ली जाती है और रजिस्टर में हाथ से विवरण लिखे जाते हैं। इससे समय लगता है और मेहमान की निजी जानकारी असुरक्षित रहती है। अब इसका एक आसान और सुरक्षित तरीका है।
फोटोकॉपी में क्या जोखिम है?
- फोटोकॉपी में पूरा 12 अंकों का आधार नंबर, फोटो, पता और जन्म तिथि दिखती है।
- कागज़ की फाइलें खो सकती हैं, कोई उनकी नकल कर सकता है या उनका गलत इस्तेमाल हो सकता है।
- तय समय पर कागज़ के रिकॉर्ड हटाना मुश्किल होता है।
डिजिटल आधार वेरिफिकेशन कैसे होता है?
- रिसेप्शन पर QR कोड दिखाया जाता है।
- मेहमान अपने फोन से उसे स्कैन करता है। कोई ऐप डाउनलोड नहीं करना पड़ता।
- मेहमान छोटा-सा गोपनीयता नोटिस पढ़कर सहमति देता है, और आधार कार्ड या e-Aadhaar पर बने डिजिटल हस्ताक्षर वाले (Secure) QR कोड से वेरिफाई करता है।
- मेहमान देखता है कि क्या साझा होगा, और "Share" दबाता है।
- रिसेप्शन पर नाम, फोटो और परिणाम दिखता है। स्टाफ फोटो को सामने खड़े व्यक्ति से मिलाकर पुष्टि करता है।
होटल को क्या मिलता है?
- मेहमान का सत्यापित नाम और यह कि वह 18 साल या उससे ज़्यादा का है।
- आधार नंबर के आख़िरी चार अंक, पूरा नंबर नहीं।
- आधार रिकॉर्ड की फोटो, ताकि स्टाफ उसे मेहमान से मिला सके।
अगर मेहमान आधार इस्तेमाल न करना चाहे?
तब मेहमान को मना नहीं किया जाना चाहिए। रिसेप्शन किसी दूसरे पहचान पत्र, जैसे पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी से चेक-इन कर सकता है।
ध्यान रखें: यह तरीका आपके दूसरे दायित्वों, जैसे गेस्ट रजिस्टर और जहाँ लागू हो वहाँ पुलिस या विदेशी मेहमानों की रिपोर्टिंग, की जगह नहीं लेता। इनके बारे में अपने वकील या स्थानीय अधिकारियों से पूछें। यह लेख कानूनी सलाह नहीं है।
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स्रोत
यह लेख सार्वजनिक जानकारी को आसान शब्दों में समझाता है (19 अक्टूबर 2026 तक)। यह कानूनी सलाह नहीं है और नियम बदल सकते हैं। CheckInKYC का संचालन SWASTIK ENTERPRISES करती है, जो UIDAI-पंजीकृत OVSE (संख्या OR11274063) है; इसका मतलब यह नहीं कि UIDAI किसी होटल या उत्पाद का समर्थन या प्रमाणन करता है।
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